छत्तीसगढ़

किसान हीरा सिंह ने रासायनिक खाद छोड़ अपनाया नैनो यूरिया और डीएपी,सुधरी मिट्टी की सेहत और बढ़ा उत्पादन

रायपुर,  बलौदाबाजार भाटापारा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुडेलिया के प्रगतिशील किसान हीरा सिंग ध्रुव क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक नई मिसाल बनकर उभरे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए उन्होंने पिछले वर्ष से अपने खेतों में रासायनिक खाद की जगह नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग शुरू किया । नैनो उर्वरकों के उपयोग से हीरा सिंग ध्रुव के खेतों में फसल का उत्पादन न केवल शानदार रहा, बल्कि फसलों की गुणवत्ता में भी भारी सुधार देखने को मिला है।

हीरा सिंग ध्रुव बताते हैं कि यह अत्याधुनिक नैनो उर्वरक न केवल बाजार में मिलने वाली रासायनिक बोरियों वाली खाद की तुलना में बेहद सस्ते हैं, बल्कि इनका परिवहन और खेतों में छिड़काव करना भी बहुत आसान है। इससे खेती की लागत में भारी कमी आई है और समय व मेहनत की भी बचत हुई है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन लिक्विड उर्वरकों के संतुलित उपयोग से उनकी जमीन की सेहत सुधरी है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस बेहतरीन परिणाम से उत्साहित होकर किसान हीरा सिंग ध्रुव ने जिले और प्रदेश के सभी किसान भाइयों से विशेष अपील की है कि वे भी रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग को छोड़कर नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को अनिवार्य रूप से अपनाएं, ताकि कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाया जा सके और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को भी सुरक्षित रखा जा सके।

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