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सड़कों से पटरी तक सब डूबा, राहत वाला मॉनसून काल बनकर टूटा; 5 राज्यों में हाहाकार

भारत में राहत की बारिश लाने वाला मॉनसून का मौसम अब विनाश का कारण बन रहा है। ताजा तस्वीरें बता रहीं हैं कि बारिश से जुड़ी घटनाएं दिल्ली से केरल तक जन जीवन को प्रभावित किए हुए है। वहीं, सड़क से लेकर रेल संपर्क तक खासा असर पड़ा है। वहीं, दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही कई राज्यों में आने वाले कुछ दिनों में राहत के आसार नहीं हैं।

महाराष्ट्र और गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मुंबई में बुधवार को भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेनें 25 से 30 मिनट की देरी से चलीं, जबकि गुजरात और पुणे की ओर जाने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें प्रभावित रहीं। गुजरात जाने वाली 39 ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं, महाराष्ट्र से गुजरात का रुख करने वाली 46 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है।

वहीं, सोमवार को भोर घाट क्षेत्र में हुए भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे मार्ग पर रेल परिचालन भी अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। नासिक में गोदावरी नदी उफान पर है और कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं। दूसरी ओर, सूरत में 358 मिमी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए, जहां 3,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जिले में पिछले कुछ दिनों से बारिश से जुड़ी घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

मुंबई में मंगलवार देर रात तुलसी और विहार झीलें ओवरफ्लो हो गईं। दोनों झीलें शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाली सात झीलों में शामिल हैं। भारी बारिश के चलते सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे की लोकल सेवाएं 25-30 मिनट की देरी से चलीं। बुधवार सुबह तक गुजरात जाने वाली 39 ट्रेनें रद्द, 21 को बीच रास्ते समाप्त और 46 ट्रेनों का समय बदला गया। सोशल मीडिया पर वीडियो में मंगलवार शाम वसई रोड से आगे उपनगरीय रेल सेवाएं बंद होने के बाद यात्रियों को आधी रात मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में जलमग्न पटरियों पर पैदल चलते देखा गया।

पालघर जिले के बाढ़ग्रस्त हनुमानपाड़ा गांव में सड़कें डूब जाने से एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने घर का दरवाजा स्ट्रेचर बनाकर प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला प्रियंका रवि यादव को सीने तक भरे पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। आईएमडी ने बुधवार को अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी।

गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से बात कर भारी बारिश की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। शाह ने वायनाड में हुई भूस्खलन की घटना पर दुख जताया।

हिमाचल प्रदेश में बुधवार को भी बारिश का दौर जारी रहा और शिमला जिले के रामपुर उप मंडल के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ से सड़क संपर्क बाधित हो गया। जलस्तर बढ़ने की वजह से गानवी खड्ड नाले पर बना एक अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे दोनों तरफ से संपर्क टूट गया।

महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ में बुधवार को भारी बारिश के दौरान कचरे का विशाल ढेर तीन मंजिला इमारत पर गिरने से वह ढह गई। हादसे में 16 लोग इमारत के नीचे दब गए, सात को बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाल लिया। जबकि राहत और बचाव अभियान जारी है।

राजस्थान में दक्षिण पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के साथ ही कई जगहों पर भारी बारिश हुई। बारिश से अलवर, चित्तौड़गढ़, कोटा और अन्य जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ। कई शहरों में सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए, जबकि निचले इलाकों और कॉलोनियों में पानी भर गया।

राजस्थान में भी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सक्रिय रहा। कोटा जिले के रामगंजमंडी में सबसे अधिक 10 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। आईएमडी ने बुधवार को अगले दो से तीन दिनों तक राज्य में व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर प्रदेश के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राजस्थान में बारिश का दौर जारी रहेगा।

वायनाड में सुरंग मार्ग निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन के दूसरे दिन बुधवार को लापता पांच श्रमिकों की तलाश जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मारे गए तीन श्रमिकों के शव सुरंग निर्माण से जुड़ी कंपनी को सौंप दिए गए। झारखंड के रहने वाले अनमोल का शव विमान के जरिए रांची भेजा जाएगा। बाकी श्रमिकों के शवों को भी विमान की उपलब्धता के आधार पर उनके संबंधित गृह-स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात धीमा पड़ गया। IMD ने गरज-चमक और भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। सदर बाजार, नसीरपुर, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर और कुशक रोड सहित कई इलाके जलमग्न रहे। कई स्थानों पर लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर निकलना पड़ा।

दिल्ली नगर निगम और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद को जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से संबंधित कम से कम 10 शिकायतें प्राप्त हुईं। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर, विशेषकर धौला कुआं, महिपालपुर और रजोकरी के आसपास जलभराव और कम दृश्यता के कारण लंबा जाम लगा रहा। गुरुग्राम में जलभराव के कारण कई स्थानों पर वाहन फंस गए और प्रमुख मार्गों पर यातायात बेहद धीमी गति से चला।

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