छत्तीसगढ़

दुष्कर्म मामले में अदालत का सख्त फैसला, तीन आरोपी दोषी करार

रानीतराई । पाटन थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पाटन दुलार सिंह निर्मलकर की अदालत ने मुख्य आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं अपराध में सहयोग करने वाले दो अन्य आरोपियों को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने मामले में प्रभावी पैरवी की। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता के पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट पाटन थाना में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मुख्य आरोपी सुखचंद ध्रुव स्वयं पीड़िता को लेकर थाना पहुंचा और अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इस घटना में पुरुषोत्तम यादव और तिलक निषाद ने भी उसका सहयोग किया था। दोनों ने पीड़िता को भगाकर ले जाने में उसकी मदद की थी। पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिन्हें न्यायालय ने पर्याप्त माना। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने मुख्य आरोपी सुखचंद ध्रुव को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं सह-आरोपी पुरुषोत्तम यादव और तिलक निषाद को अपराध में सहयोग करने का दोषी पाते हुए 7-7 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया। फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त न्यायिक रुख के रूप में देखा जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button