छत्तीसगढ़
मौन हुई पंडवानी की अमर आवाज़, नहीं रहीं डॉ. तीजन बाई

छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमर आवाज़ हुई शांत ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ की लोक कला को विश्व पटल पर गौरवपूर्ण स्थान दिलाने वाली महान पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का आज रविवार तड़के निधन हो गया। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का नाम जब भी दुनिया में सम्मान के साथ लिया जाता है, तो सबसे पहले जिन हस्तियों का नाम सामने आता है उनमें पद्म विभूषण डॉ. तीजनबाई प्रमुख हैं। अपनी ओजस्वी आवाज, अद्भुत अभिनय और रंग-बिरंगे तानपुरे के साथ महाभारत की कथाओं को जीवंत करने वाली तीजनबाई ने पंडवानी जैसी लोककला को वैश्विक मंच तक पहुंचाया।
डॉ. तीजनबाई छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान ही नहीं, बल्कि भारतीय लोककला की ऐसी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका योगदान आने वाली पीढिय़ों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
नमन…।




