छत्तीसगढ़

’जनजातीय अंचलों तक पहुंच रही योजनाओं की रोशनी’

  • ’“सबसे दूर, सबसे पहले” की सोच के साथ जनजातीय गरिमा उत्सव-जनभागीदारी अभियान बना ग्रामीणों के लिए भरोसे का माध्यम’
  • ’दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में क्लस्टर स्तरीय शिविरों के जरिए मिल रही स्वास्थ्य, बैंकिंग, सामाजिक सुरक्षा और प्रमाण पत्र संबंधी सेवाएं’

रायपुर ,

’“सबसे दूर, सबसे पहले” की सोच के साथ जनजातीय गरिमा उत्सव-जनभागीदारी अभियान बना ग्रामीणों के लिए भरोसे का माध्यम’

राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय एवं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जनजातीय गरिमा उत्सव-जनभागीदारी अभियान अब जनजातीय अंचलों में सुशासन और जनसुविधाओं का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। शासन की “सबसे दूर, सबसे पहले” की अवधारणा को केंद्र में रखकर बलरामपुर जिले के विकासखंड राजपुर एवं शंकरगढ़ सहित विभिन्न क्लस्टरों में विशेष शिविर और सैचुरेशन कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को एक ही स्थान पर अनेक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अभियान के तहत आयोजित शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं एवं शिकायतों का पंजीयन कर त्वरित निराकरण किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी देकर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण, सामान्य उपचार, परामर्श एवं स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। वहीं आधार कार्ड निर्माण एवं सुधार, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, श्रम पंजीयन, जन-धन खाता, महतारी वंदन योजना केवाईसी तथा आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाएं भी शिविरों में उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सैचुरेशन कैम्प के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। ग्रामीणों को सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग सुविधाओं एवं आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत संचालित आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिले के 429 आदि सेवा केंद्रों में निरंतर जनजागरूकता एवं जनभागीदारी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन केंद्रों में जनसुनवाई, योजनाओं का प्रचार-प्रसार और ग्रामीणों को उनके अधिकारों की जानकारी देने का कार्य किया जा रहा है।
ग्राम स्तर पर आयोजित ट्रांसेक्ट वॉक के माध्यम से अधिकारी एवं मैदानी अमला गांवों का भ्रमण कर स्थानीय समस्याओं, मूलभूत आवश्यकताओं एवं विकास कार्यों की स्थिति का अवलोकन कर रहे हैं। वहीं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में पीवीटीजी सर्वेक्षण के दौरान विशेष जागरूकता अभियान चलाकर विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत परिवारों तक पहुंच बनाकर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्य शासन की मंशा है कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे जनजातीय परिवारों तक भी योजनाओं का लाभ सरल, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचे तथा विकास प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

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