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दिल्ली में AI का महाकुंभ आज से, PM मोदी करेंगे उद्घाटन; पिचाई-ऑल्टमैन समेत जुटेंगे कई दिग्गज

राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आज से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का पांच दिवसीय महाकुंभ शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे इस वैश्विक शिखर सम्मेलन और एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। इसे ग्लोबल साउथ का पहला और सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय एआई समिट माना जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और टेक कंपनियों के सीईओ का जमावड़ा लगेगा।

भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक चलने वाला यह आयोजन ग्लोबल साउथ का पहला अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन है। यह एक्सपो 70 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 10 अलग-अलग एरिना बनाए गए हैं। इसमें 13 देशों के विशेष पवेलियन लगाए गए हैं, जिनमें फ्रांस, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया, रूस और ब्रिटेन जैसे देश शामिल हैं, जो वैश्विक एआई इकोसिस्टम में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करेंगे। आयोजन में 300 से अधिक प्रदर्शनी पवेलियन और 600 से अधिक स्टार्टअप्स अपने समाधान पेश करेंगे।

इस समिट में भाग लेने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस और यूएई के क्राउन प्रिंस भारत पहुंच रहे हैं। टेक जगत की बात करें तो गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ और एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई जैसे दिग्गज इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनेंगे। अमेरिका से शांतनु नारायण और राज सुब्रमण्यम के नेतृत्व में एक बड़ा उद्योग प्रतिनिधिमंडल भी इसमें शिरकत कर रहा है।

यह पूरा आयोजन ‘पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस’ के तीन मूल मंत्रों पर आधारित है। भारत सरकार अपने इंडिया एआई मिशन के तहत 12 स्वदेशी फाउंडेशन एआई मॉडल भी पेश करेगी, जिन्हें खास तौर पर भारतीय भाषाओं और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकसित किया गया है। समिट के दौरान 500 से अधिक सत्रों में 3,250 से अधिक विशेषज्ञ एआई के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक प्रभावों पर मंथन करेंगे। यह सम्मेलन भारत को इनोवेशन और जिम्मेदारी के बीच एक सेतु के रूप में स्थापित करने की कोशिश है।

शिखर सम्मेलन का पहला दिन विशेष रूप से सड़क सुरक्षा के लिए एआई पर केंद्रित है। पहले सत्र में परिवहन मंत्रालय और आईआईटी के विशेषज्ञ इस पर चर्चा करेंगे कि कैसे एआई दुर्घटनाओं के पैटर्न को समझने और जोखिम का पूर्वानुमान लगाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, ‘स्मार्ट और सशक्त कृषि’ पर एक विशेष सत्र होगा, जिसमें टिकाऊ और जलवायु-संवेदनशील खेती के लिए एआई के उपयोग पर विचार किया जाएगा।

समिट में एआई के दौर में रोजगार के बदलते स्वरूप पर भी गंभीर चर्चा होगी। विशेषज्ञ विश्लेषण करेंगे कि कैसे एआई नई नौकरियां पैदा करेगा और मौजूदा नौकरियों के रिप्लेस होने के खतरे के बीच स्किल डेवलपमेंट की कितनी आवश्यकता है। साथ ही, अदालतों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने, वर्चुअल अदालतों को समर्थन देने और कानूनी शोध को गति देने के लिए एआई की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह आयोजन भारत की उस सोच को दर्शाता है जहां तकनीक केवल साधन नहीं, बल्कि जीवन सुधारने का माध्यम है।

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