छत्तीसगढ़

तूता बनेगा मॉडल गांव – शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण में नई मिसाल

रायपुर। संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) द्वारा दिये गये सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के अनुरूप गांव तैयार करने रायपुर जिले में प्रोजेक्ट ग्लोबल गांव की शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर एवं कलेक्टर डा. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में एसडीजी के लक्ष्यों के मुताबिक चिन्हांकित 17 लक्ष्यों को प्राप्त करने तूता गांव से इसकी शुरूआत की गई है। इसका उद्देश्य यह है कि आर्थिक विकास के साथ ही यहां सामाजिक और पर्यावरणिक दृष्टिकोण से भी भरपूर विकास हो।

 

 

 

इस परियोजना का उद्देश्य तूता गांव को ऐसा मॉडल गांव बनाना है जहां सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास एक साथ हो। अक्सर गांवों का विकास केवल सड़कों और मकानों तक सीमित रह जाता है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण जैसे क्षेत्र पीछे रह जाते हैं। यह पहल संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों को गांव स्तर पर लागू करने की दिशा मं एक बड़ा कदम है। इन लक्ष्यों में गरीबी हटाना, भूख खत्म करना, अच्छी शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ पानी, स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक वृद्धि, उद्योग और नवाचार को बढ़ावा, असमानता में कमी, जलवायु सुरक्षा, प्रकृति की रक्षा, शांति और न्याय शामिल हैं।

 

 

 

तूता गांव को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, शिक्षित, स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने का लक्ष्य है। यह गांव बाकी गांवों के लिए एक उदाहरण बनेगा और सतत विकास की दिशा में राज्य को नई पहचान देगा। ग्राम तूता में श्रम विभाग द्वारा 50 नए श्रम कार्ड बनाए गए और 12 पुराने कार्ड नवीनीकृत किए गए। पशु चिकित्सा शिविर 72 पशुओं का उपचार, 370 गौवंश का इलाज, 220 बकरियों का टीकाकरण, 52 का औषधिकरण, 23 पशुओं की नसबंदी और 107 को कृमिनाशक दवा दी गई। स्वास्थ्य सेवाएं आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत 31 हितग्राहियों के कार्ड बनाए गए।

नेत्र परीक्षण शिविर में एम.जी.एम. नेत्रालय रायपुर द्वारा 40 लोगों की आंखों की जांच हुई। जिसमे 20 लोगों के चश्मे त्वरित बनाकर दिये गए और 15 लोगों में मोतियाबिंद पाया गया। जिनमें से 3 का ऑपरेशन हेतु एडमिट किया गया। इसी प्रकार आधार अपडेशन शिविर में 26 लोगों का आधार अपडेशन किया गया। महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत स्किल केयर सदानी दरबार द्वारा ग्राम तूता में 30 महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया। पोषण आहार आंगनबाड़ी और स्कूल के बच्चों को नियमित रूप से अंडा वितरित किया जा रहा है।

 

 

 

ग्राम तूता में हेल्प कैंप का भी किया गया जिसमें श्री सत्य साईं हॉस्पिटल और स्वास्थ विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री मिथलेश चौधरी उपस्थित रहे। प्रोजेक्ट धड़कन अंतर्गत बच्चों के हृदय की जांच की गई और सभी बच्चे स्वस्थ पाए गए और सभी बच्चों को मिल्क सप्लीमेंट भी दिया जाएगा। साथ ही पोषण अंतर्गत जुड़ी तमाम जानकारी दी गयी। ग्लोबल गांव तूता में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत सूखा कचरा की उचित व्यवस्था हेतु डस्टबिन का वितरण किया गया इसके साथ-साथ गांव में घर-घर कचरा संग्रहण कार्य के तहत 50 किलो प्लास्टिक कचरा बेचा गया। साथ ही आम के 1500 नए पौधरोपण किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button