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आंखों की सेहत के लिए बेहतर होते है ये दो आयुर्वेदिक उपाय, जानिए रोजाना करने का आसान तरीका

आजकल की जिंदगी हर किसी के लिए बोझिल होती जा रही है स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल से आंखों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। आंखों पर ज्यादा दबाव बढ़ने की वजह से आंखों की रोशनी कम होने लगती है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा आंखों की सेहत के लिए जरूरी उपाय के बारे में जानकारी दी गई है।

इसके लिए आंखों के लिए वैसे तो कई एक्सरसाइज आती है लेकिन ‘शीतोदक सेचन'(ठंडे पानी से आंखें धोना) और ‘पानीतला स्पर्श'( पानी से आंखों को थपथपी देना) जैसे आयुर्वेदिक उपाय कारगर होते है।

जानिए आंखों की सेहत के लिए इन उपायों के बारे में

आंखों की सेहत को बेहतर रखने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा उपाय करना जरूरी होता है। यहां पर ‘शीतोदक सेचन’ और ‘पानीतला स्पर्श’ जैसे आयुर्वेदिक उपायों के बारे में जानते है…

1- ‘शीतोदक सेचन’ यानी आंखों में ठंडे पानी की कुछ बूंदें डालना बेहद फायदेमंद है। दिन में 3 से 4 बार ऐसा करने से आंखों की रोशनी मजबूत होती है। ठंडा पानी आंखों की जलन, थकान और सूखापन दूर करता है। यह उपाय विशेष रूप से गर्मियों में या लंबे समय स्क्रीन देखने वालों के लिए उपयोगी है। इसके साथ ही आंखों में साफ और ठंडे पानी की बूंदे डालने से आंखों को फायदा मिलता है। आंखों की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसके अलावा आंखों की चमक बनी रहती है और रोशनी बढ़ाने में मदद मिलती है।

2- इसके अलावा दूसरे आयुर्वेदिक उपाय ‘पानीतला स्पर्श’ यानि इसमें दोनों हथेलियों को पानी से गीला करके आंखों पर हल्के से रखा जाता है। यह आंखों के लिए फायदेमंद होती है। यहां पर एक्सपर्ट के अनुसार कहा गया है कि, हर बार खाना खाने के बाद हाथ धोएं और गीली हथेलियों को आंखों पर रखें। यह आसान क्रिया रोजाना करने से मोतियाबिंद और अन्य आंखों की बीमारियों से बचाव होता है। गीली हथेलियां आंखों को ठंडक देती हैं, जिससे आंखों की नमी बनी रहती है और सूजन कम होती है।

ये दोनों उपाय पूरी तरह प्राकृतिक, आसान और बिना किसी खर्च के हैं। सदियों से यह पुरानी परंपरा का हिस्सा है। इन उपायों से आंखों की थकान दूर होती है और लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद मिलती है, हालांकि अगर कोई गंभीर समस्या है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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