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सोमनाथ मंदिर हमारी सभ्यतागत अमरता और कभी न हारने की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक: गृह मंत्री अमित शाह

   नई दिल्ली। वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले के 1,000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सोमनाथ मंदिर की भव्यता और आकर्षण को प्रदर्शित करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों से 8 जनवरी से 11 जनवरी तक सोमनाथ में मनाए जा रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ से जुड़ने की अपील की।

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सोमनाथ महादेव मंदिर ज्योतिर्लिंग होने के साथ-साथ सनातन संस्कृति व आध्यात्मिक गौरव की अक्षुण्ण विरासत भी है। बीते हजार वर्षों में इस मंदिर पर कई हमले हुए, लेकिन यह हर बार उठ खड़ा हुआ। यह हमारी सभ्यतागत अमरता और कभी हार न मानने की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। इसे मिटाने की कोशिश करने वालों के नामो-निशान मिट गए, लेकिन यह मंदिर आज और भी वैभवता के साथ खड़ा है।

उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिकता बताती है कि ऐसे हमले हमें क्षति पहुंचा सकते हैं, लेकिन मिटा नहीं सकते, क्योंकि हर बार और भी भव्यता और दिव्यता के साथ उठ खड़ा होना सनातन संस्कृति की मूल प्रवृत्ति है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के एक हजार वर्ष होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाने का निर्णय लिया है ताकि हमारी भावी पीढ़ी तक सनातन संस्कृति की अविरलता और जीवटता का संदेश पहुंचाया जा सके। मेरा सौभाग्य है कि मैं इस पवित्र मंदिर का ट्रस्टी हूं। मेरी सभी देशवासियों से अपील है कि आप भी आज से 11 जनवरी तक चलने वाले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़ें।

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एक्स पर शेयर किए गए वीडियो में दिखाया गया कि कैसे सोमनाथ मंदिर पर विदेशी आक्रांताओं ने बार-बार हमले किए, कैसे मंदिर को बार-बार लूटा गया और उसको मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन सनातन की आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर ने हर बार विदेशी हमलावरों के इरादों पर पानी फेर दिया।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाने के लिए गुजरात के सोमनाथ मंदिर में सालभर कई कार्यक्रम होंगे। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि 8 से 11 जनवरी तक मंदिर परिसर में कई आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम होंगे। वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले के 1,000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व आयोजित किया जा रहा है। विदेशी आक्रांताओं ने कई बार इस मंदिर को लूटा और नष्ट किया, लेकिन हर बार इसे बनाया गया।

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