छत्तीसगढ़

करकोली में सात दिवसीय एनएसएस शिविर पर विधिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

नया करकोली/सलका । शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलका (अधीन) की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा ग्राम पंचायत नया करकोली में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत एक भव्य विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त समाज के लिए युवा‘ थीम पर आधारित था।

मार्गदर्शन एवं नेतृत्व –

यह जागरूकता कार्यक्रम माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विनीता वार्नर के मार्गदर्शन एवं सचिव सुश्री पायल टोपनो के दिशा निर्देशन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल  राजेंद्र प्रसाद पाठक ने की।

मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थितिः

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेः

अभिनव – प्रख्यात समाजसेवी (जरही)

सुनील कुमार चक्रधारी – कार्यक्रम अधिकारी, एन.एस.एस.

सत्य नारायण – पैरा लीगल वालंटियर

विकाश कुमार प्रजापति – पैरा लीगल वालंटियर

प्रमुख उद्बोधन एवं संदेश:

1.  राजेंद्र प्रसाद पाठक (डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल):

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के अमर संदेश ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए‘ से युवाओं में ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने स्वरचित पंक्तियों के माध्यम से नशे के विरुद्ध कड़ा प्रहार किया:

‘नशा नहीं है शान किसी की, ये तो आग है जीवन दीप की। सपनों को राख में बदल देता, अपनों से भी दूर कर देता‘।

उन्होंने युवाओं को आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट और मोटर व्हीकल एक्ट के कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि नशा किस तरह मानसिक और शारीरिक रूप से जीवन को खोखला कर देता है।

2.  अभिनव (समाज सेवी)

इन्होंने शिक्षा और समाज के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए नशे के कारण बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्तियों पर गंभीर चर्चा की और युवाओं को सही मार्ग चुनने हेतु प्रेरित किया।

3.  सत्य नारायण (पीएलवी)

इन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे कोई भी जरूरतमंद निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की उपयोगिता साझा की।

4.  विकास कुमार प्रजापति (पीएलवी):

इन्होंने नालसा के मार्गदर्शन में संचालित 100 दिवसीय अभियान की जानकारी दी, जिसका उद्देश्य समाज को “बाल विवाह” जैसी कुरीति से मुक्त करना है। सहभागिता कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक गण, एनएसएस के स्वयंसेवक और भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। युवाओं ने इस अवसर पर समाज को नशा मुक्त बनाने और विधिक नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

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