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लौकी का जूस पीने से पहले इस 1 बात का रखें ध्यान, वरना पड़ सकता है सेहत पर भारी

बढ़ते पारे के साथ ही ताजगी भरे ड्रिंक्स की डिमांड बढ़ गई है। अक्सर लोग सेहत के नाम पर मौसमी या अनार का जूस पीते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि फलों का जूस आपके ब्लड शुगर को अचानक बढ़ा सकता है। ऐसे में लौकी के जूस को गर्मियों का सबसे सुरक्षित और प्रभावी सुपरफूड मानते हैं।

आमतौर पर घिया या लौकी का नाम सुनते ही लोग नाक सिकोड़ने लगते हैं लेकिन इसके गुण किसी महंगे सप्लीमेंट से कम नहीं हैं। आयुर्वेद में लौकी को पित्तशामक और शीतल माना गया है जो शरीर की आंतरिक गर्मी को सोख लेती है। वहीं विज्ञान कहता है कि इसमें कैलोरी बहुत कम और पोटेशियम अधिक होता है जो दिल की सेहत और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में रामबाण है।

फलों के जूस से क्यों बेहतर है लौकी?

जब हम फलों का जूस निकालते हैं तो सारा जरूरी फाइबर छलनी में रह जाता है और बचता है केवल शुगर। इसके विपरीत लौकी का जूस न तो रक्त में शर्करा बढ़ाता है और न ही इसमें फाइबर की कमी होती है। यह गर्मियों में होने वाले भारीपन और सुस्ती को दूर कर शरीर को हल्का बनाए रखता है।

लौकी का जूस पीते समय सबसे बड़ी सावधानी इसके स्वाद को लेकर बरतनी चाहिए। कड़वी लौकी कभी न खाएं और न ही उसका जूस पिएं। कड़वी लौकी में कुकर बिटासिन नामक जहरीला तत्व होता है जो पेट में गंभीर इन्फेक्शन या विषाक्तता पैदा कर सकता है। जूस बनाने से पहले लौकी का एक छोटा टुकड़ा चखकर जरूर देख लें।

जूस बनाने का सही तरीका

  • ताजी और छोटी लौकी चुनें।
  • इसे छीलकर मोटे टुकड़ों में काटें।
  • इसमें खीरा, पुदीना के पत्ते और आधा नींबू मिलाएं।

लौकी का जूस को कभी भी स्टोर करके न रखें। यह बहुत जल्दी ऑक्सीडाइज होकर काला पड़ने लगता है जिससे इसके गुण खत्म हो जाते हैं। इसे निकालने के तुरंत बाद पिएं।

सेवन का सही समय

लौकी के जूस का पूरा फायदा तभी मिलता है जब इसे सुबह खाली पेट लिया जाए। यह आपके मेटाबॉलिज्म को किक-स्टार्ट करता है और रात भर जमा हुई गंदगी को शरीर से बाहर निकाल देता है। नियमित सेवन से कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में स्थायी राहत मिलती है।

अगर आप इस गर्मी में वजन घटाने और चमकती त्वचा की चाहत रखते हैं तो आज ही अपनी डाइट में लौकी के जूस को शामिल करें बस कड़वाहट की जांच करना न भूलें।

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