उम्मीद थी कि भारतीय बल्लेबाज भी गुवाहाटी की पिच पर रनों का अंबार लगाकर साउथ अफ्रीका को कड़ी टक्कर देंगे

इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका 2 मैच की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला गुवाहाटी में खेला जा रहा है। कोलकाता में सीरीज का पहला मैच हारने के बाद उम्मीद थी कि भारत इस मुकाबले में बाउंस बैक करेगा, मगर यहां भी अब टीम इंडिया पर हार का खतरा मंडरा रहा है। साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए 489 रन बोर्ड पर लगाए। कुलदीप यादव ने इस पिच को रोड़ की तरह सपाट बताया था। उम्मीद थी कि भारतीय बल्लेबाज भी इस पिच पर रनों का अंबार लगाकर साउथ अफ्रीका को कड़ी टक्कर देंगे, मगर 68 गेंदों में हुए बैटिंग कोलैप्स ने भारत को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। टीम इंडिया पहली पारी में 201 रनों पर सिमट गई और साउथ अफ्रीका ने 288 रनों की विशाल बढ़त हासिल की।
ये 68 गेंदें बनीं भारत के लिए काल
गुवाहाटी टेस्ट के तीसरे दिन का आगाज भारत के लिए शानदार रहा था। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल की जोड़ी ने पहले घंटे तक संयम से बल्लेबाजी की और मेहमान टीम को विकेट लेने का एक भी मौका नहीं दिया। 22वें ओवर में केएल राहुल के डिफेंस में चूक हुई और केशव महाराज ने 65 के स्कोर पर भारत को पहला झटका दिया।
इसके बाद यशस्वी जायसवाल का साथ देने आए साई सुदर्शन ने दूसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी की। साइमन हार्मर ने 33वें ओवर की दूसरी गेंद पर यशस्वी जायसवाल को आउट कर भारत को दूसरा झटका दिया। यह सिर्फ एक झटका नहीं बल्कि भारतीय बैटिंग कोलैप्स की शुरुआत थी।
32.2 ओवर में गिरे दूसरे विकेट के बाद भारतीय बल्लेबाजी कुछ ही देर में घुटनों पर आ गई। मार्को यान्सन ने इस दौरान खूब कहर बरपाया। 34.3 ओवर में 96 के स्कोर पर साई सुदर्शन, 35.3 ओवर में 102 के स्कोर पर ध्रुव जुरेल, 37.2 ओवर में 105 के स्कोर पर कप्तान ऋषभ पंत, 41.4 ओवर में 119 के स्कोर पर नीतीश रेड्डी और 43.3 ओवर में 122 के स्कोर पर रवींद्र जडेजा आउट हुए।
भारत के 68 गेंदें और 27 रनों के अंदर गिरे ये 6 विकेट मैच में पिछड़ने का असली कारण है। वॉशिंगटन सुंदर (48) और कुलदीप यादव (19) ने क्रमश: 92 और 134 गेंदें खेलकर इस पतझड़ को जरूर कुछ देर रोका, मगर वह इस बैटिंग कोलैप्स की भरपाई पूरी तरह नहीं कर पाए।
साउथ अफ्रीका ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में बिना विकेट खोए 26 रन बनाकर बढ़त को 314 रनों तक पहुंचा दिया है।
भारत में टेस्ट क्रिकेट में हाईएस्ट सफल रनचेज का रिकॉर्ड 387 रनों का है। ऐसे में भारत को अब यह मैच जीतना है तो किसी बड़े चमत्कार की जरूरत है।




