एआई समिट के दौरान शांतिपूर्ण विरोध पर गिरफ्तारी लोकतंत्र पर प्रहार – फहीम शेख

एआई समिट के दौरान शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की जाती है। यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
जिस प्रकार अंग्रेजों के शासनकाल में अपनी बात रखने वालों को मुकदमों में फँसाकर जेल भेजा जाता था, उसी प्रकार आज भी असहमति की आवाज़ों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जो हमें Constitution of India द्वारा प्रदान किया गया है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। शांतिपूर्ण विरोध को अपराध की तरह प्रस्तुत करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस इस गिरफ्तारी की घोर निंदा करती है और चेतावनी देती है कि यदि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन जारी रहा, तो आंदोलन को और तेज एवं व्यापक रूप दिया जाएगा।




