राशन दुकान संचालकों की चेतावनी: मांगें पूरी नहीं हुईं तो 5 जुलाई से बंद रहेंगी दुकानें

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय उचित मूल्य दुकान (राशन दुकान) संचालकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 5 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, खाद्य विभाग के सचिव तथा अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि राशन दुकानदार लंबे समय से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। समय पर मार्जिन मनी, बारदाना राशि, आधार प्रमाणीकरण वितरण राशि तथा अन्य देय भुगतान नहीं किए जा रहे हैं। संचालकों का कहना है कि लगभग 20 वर्षों से मार्जिन राशि में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है, जबकि संचालन लागत लगातार बढ़ी है।



दुकानदारों ने मांग की है कि CGFSA और NFSA दोनों योजनाओं में मार्जिन मनी कम से कम 150 रुपये प्रति क्विंटल की जाए तथा दुकान संचालकों और विक्रेताओं का बीमा कराया जाए। इसके अलावा राशन आवंटन में अनियमितताओं को दूर करने, भंडारण में होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति, शक्कर वितरण पर उचित कमीशन, लंबित कमीशन राशि का भुगतान तथा वितरण प्रणाली में सुधार की भी मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पॉस मशीनों में लिंक फेल, सर्वर डाउन और तकनीकी खराबियों के कारण उपभोक्ताओं एवं दुकानदारों दोनों को परेशानी होती है। साथ ही तीन माह का राशन एक साथ वितरित करने की व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की गई है।
राशन दुकान संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि 25 जून तक उनकी नौ सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 5 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान राशन दुकानों के बंद रहने की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



