छत्तीसगढ़

बालोद की ‘सोलर दीदी’ बनेंगी आत्मनिर्भरता की नई पहचान

  • आंचल महिला संकुल संगठन को मिलेगा वेंडर का दर्जा, महिलाओं को दिया गया तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण

रायपुर, सोलर दीदी’ पहल ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर सौर ऊर्जा क्षेत्र में उद्यमी और आत्मनिर्भर बना रही है। वे गांवों में सोलर प्लांट लगाने, रखरखाव और मरम्मत का काम संभालती हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बालोद जिले में एक अभिनव पहल की गई है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में बालोद के गुरूर विकासखंड के जनपद सभागार में ‘आंचल महिला संकुल संगठन’ को योजना के तहत अधिकृत वेंडर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इसके तहत संगठन से जुड़ी महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित विस्तृत तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

सोलर दीदी करेगी सोलर पैनलों की स्थापना

इस पहल के बाद आंचल महिला संकुल संगठन क्षेत्र में सोलर पैनलों की स्थापना, उपभोक्ता मार्गदर्शन, प्रचार-प्रसार तथा योजना से संबंधित सेवाओं में सक्रिय भागीदारी निभा सकेगा। इससे एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे।

प्रशिक्षण में दी गई सोलर पैनल की कार्यप्रणाली, क्षमता एवं स्थापना की तकनीकी जानकारियां

सहायक परियोजना अधिकारी श्री नितेश साहू ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को सौर ऊर्जा प्रणाली की कार्यप्रणाली, सोलर पैनलों की क्षमता एवं स्थापना से जुड़ी मूलभूत तकनीकी जानकारियां प्रदान की गईं। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर उपभोक्ताओं का पंजीयन, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज अपलोड करने की विधि तथा वेंडर एप के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण में योजना के अंतर्गत उपलब्ध सब्सिडी, वित्तीय सहायता एवं बैंक ऋण की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि ग्रामीण महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

ग्रामीण क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा का होगा विस्तार

प्रशासन का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें ऊर्जा क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। आंचल महिला संकुल संगठन का वेंडर के रूप में चयन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को नई गति देगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को भी मजबूत आधार प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में वेंडर पंजीयन हेतु राज्य नोडल अधिकारी श्री महेश जायसवाल, सहायक अभियंता सीएसईबी तथा ब्लॉक परियोजना प्रबंधक श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर सहित विभागीय अधिकारी एवं आंचल महिला संकुल संगठन की पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button