छत्तीसगढ़

बस्तर मुन्ने के तहत ग्राम स्तर पर आयोजित की जाएंगी विभिन्न गतिविधियां

उत्तर बस्तर कांकेर. छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) अभियान का चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आगामी 01 मई से जिले की सभी ग्राम में विशेष ’संतृप्तता शिविरों’ का आयोजन किया जाएगा।

    कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उक्त अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शासन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं समाज के वंचित वर्गों तक उनका समयबद्ध लाभ के लिए बस्तर संभाग के सभी 07 जिलों में ‘बस्तर मुन्ने’ (गोंडी में ‘अग्रणी बस्तर‘) अभियान के अंतर्गत संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मूल उद्देश्य एनसीएईआर सर्वेक्षण में नियद नेल्लानार अंतर्गत 31 जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्तमान अप्रैल माह में ग्राम पंचायत, क्लस्टर एवं विकासखण्ड स्तरीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके पहले चरण में हाट बाजारों एवं ग्राम पंचायतों में मुनादी, दीवार लेखन एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत को योजनाओं की सूची, पात्रता मापदंड एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी साझा की जाएगी। प्रत्येक विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि मैदानी अमलांे तक हितग्राहियों की सूची एवं योजना की जानकारी उपलब्ध हो सके। अभियान के दूसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत एनसीएईआर सर्वेक्षण, जिला सर्वेक्षण के आधार पर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदाय किया जाएगा। साथ ही सर्वे में छूटे परिवारों का पंजीयन किया जाएगा। यह भी बताया गया कि पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल से एक सप्ताह तक ग्राम सभाओं का आयोजन एवं तीन प्रमुख सामुदायिक कार्यों का संकलन एवं ग्राम सभा में अनुमोदन किया जाएगा। इसके तीसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों का क्लस्टर स्तर पर शिविरों का आयोजन कर समीक्षा एवं निराकरण किया जाएगा, जबकि चौथे चरण में क्लस्टर स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों का जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में विकासखण्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन कर निराकरण किया जाएगा। इसी तरह अभियान के पांचवें चरण में अंतिम समीक्षा, प्रभाव आंकलन, डेटाबेस, वेब पोर्टल एवं शिविर प्रबंधन संबंधी कार्य किया जाकर शत-प्रतिशत संतृप्ति का लक्ष्य जिला स्तर पर निर्धारण किया जायेगा।
कलेक्टर ने बताया कि व्यक्तिमूलक योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया जाएगा, जिसमें बी-1 खसरा, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आभा कार्ड, वय वंदना कार्ड आदि का मौके पर ही तैयार कर वितरण किया जाएगा। प्रत्येक शिविर के प्रतिभागी का पंजीयन करने हेतु प्रतिभागी पंजी संधारित की जायेगी, जिसमंे आवश्यक जानकारी एंट्री कर रखा जाएगा।

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