छत्तीसगढ़
भगवान झूलेलाल जी का जन्मोत्सव सिंन्धी समाज के द्वारा पूरे विश्वभर में हर्षोल्लास के साथ बड़े ही धूमधाम से मनाया गया

आज चेटीचंड का पर्व मनाया गया. सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी विक्की पंजवानी ने बताया कि सिंन्धी समाज इस दिन से अपने नयें वर्ष की शुरुआत करता है चैत्र मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथी से शुरू होता है. सिंधी में चैत्र मास को चेटी कहा जाता है और इसी दिन चंद्रमा के दर्शन होते हैं, उसे सिंधी में चंड्र कहा जाता है. इन्हीं दोनों शब्दों को जोड़कर इस पर्व को चेटीचंड्र कहा जाता है. सिंधी समाज से जुड़ा यह पर्व भगवान झूलेलाल को समर्पित है.
सिंन्धी समाज के मीडिया प्रभारी विक्की पंजवानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भगवान झूलेलाल जी की सबसे प्रसिद्ध 56 फिट ऊँची मूर्ति जो कि कैनल रोड, न्यू राजेंद्र नगर में स्तिथ है जहाँ सिंन्धी पंचायत राम के सामाजसेवीयो, व रहवासियों के साथ साथ भक्तो ने सबसे पहले अपने ईष्टदेव जी महाआरती के पश्चात् दिनभर शरबत , मट्ठा छाछ, एवं फल वितरण का आयोजन किया इसी के साथ ही भंडारे का भी लाभ भक्तो ने उठाया इसमें सिंन्धी पंचायत राम के अध्यक्ष गिरीश लहेजा , कोर कमेटी के सदस्य अजय छत्रे , सिंन्धी समाज के विशेष सहयोगी पवन लोहाना , पंचायत के मीडिया प्रभारी विक्की पंजवानी और वरिष्ठ समाजसेवी उपस्थित थे. इसी तरह विशाल नगर सिंन्धी पंचायत के अध्यक्ष विकास झामनानी ने भी अपनी पूरी पंचायत के साथ छत्तीसगढ़ होटल के पास शरबत और भंडारे का आयोजन किया.




